Tuesday, August 21

मुक्तक

मुक्तक

योगेन्द्र शर्मा “योगी”

योगेन्द्र शर्मा “योगी”

मुक्तक
पितरों का तर्पण कैसे हो............. मन पर हॉबी भौतिकता फिर बता समर्पण कैसे हो, भागे कौवे धरा छोड़ पितरों का तर्पण कैसे हो । गिद्ध अवतार मनुज ले बैठा दिल का अर्पण कैसे हो ढक चेहरे को सत्य छुपाता झूठा कैसे दर्पण हो।।"योगी"   योगेन्द्र शर्मा योगी भीषमपुर , चकिया , चंदौली