Saturday, October 20

योगेन्द्र शर्मा “योगी”

पितरों का तर्पण कैसे हो………….

मन पर हॉबी भौतिकता
फिर बता समर्पण कैसे हो,
भागे कौवे धरा छोड़
पितरों का तर्पण कैसे हो ।

गिद्ध अवतार मनुज ले बैठा
दिल का अर्पण कैसे हो
ढक चेहरे को सत्य छुपाता
झूठा कैसे दर्पण हो।।”योगी”

 

योगेन्द्र शर्मा योगी

भीषमपुर , चकिया , चंदौली 

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