Thursday, September 20

अविनाश शर्मा

मोहब्बत की यादें…………………….

हमने जो की थी मोहब्बत वो याद आज भी है,
तेरी मुस्कान और बचकानी बातें वो याद आज भी है।
तेरे लिए तो हर खुशी मांगी थी रब से,
पर जो जख्म मिला मुझे वो याद आज भी है।

दिया था जब अपनी तस्वीर वो याद आज भी है,
लबों से जो मुस्कुराई वो याद आज भी है।
चाहता तो चुरा लेता तुझे इस जहां से,
लेकिन घरवालो से मिलें संस्कार वो याद आज भी है।

बताई जब अपनी सगाई की बात वो याद आज भी है,
नजर न मिला सकी हमसे वो याद आज भी है।
नही करूँगा मोहब्बत अब कभी किसी से,
क्योकि कांच की तरह बिखर गया था वो याद आज भी है।

अविनाश शर्मा(पांचाल)
भीषमपुर चकिया,चंदौली
उत्तर प्रदेश(UP)

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