Saturday, October 20

धीरेन्द्र पांचाल

गाँधी जयन्ती विशेष……..

बापू बन तु चमका जग में , तु डायर संग घुल गया ।
साज़िश चली अहिंसा वाली आहुति जग भूल गया ।
आतंकी कह शोभित करते दरबारी उस महिमा को ,
फाँसी के फंदे को जो वरमाल समझ के झूल गया ।

✍🏻✍🏻धीरेन्द्र पांचाल…….

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